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झारखण्ड के राजस्व विभागों की हर डेढ़ माह पर होगी समीक्षा बैठक

झारखण्ड सरकार के मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी ने राजस्व से जुड़े विभागों को रणनीति बना कर राजस्व संग्रहण में तेजी लाने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने झारखण्ड मंत्रालय में राजस्व संग्रहण की वर्तमान स्थिति पर विभागीय प्रमुखों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में चल रही विकास योजनाओं के लिए पैसे की दिक्कत ना हो इसके लिए विभाग, राजस्व उगाही में आ रही रुकावटों को दूर करें और तेजी से राजस्व संग्रह करें।  इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपने लक्ष्यों को पाने के लिए विभागों को नई सोच के साथ पहल करने और एक्शन लेने की जरुरत है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली बैठक में इस पर रिपोर्ट पेश करने के साथ ही राजस्व संग्रहण को लेकर नियमित बैठक करने को कहा। बैठक में ये तय हुआ कि हर डेढ़ माह पर राजस्व से जुड़े विभागों की बैठक होगी।

खनन क्षेत्र में राजस्व वसूली में तेजी लाएं

मुख्य सचिव ने खनन के क्षेत्र में 15 सितंबर तक राजस्व उगाही के लिए कहा कि इसमें जो भी कारक बाधक हैं, उन्हें यथाशीघ्र दूर कर लक्ष्य प्राप्त करें। मुख्य सचिव ने खनन राजस्व के लीकेज को बंद करने तथा नई सोच और ऊर्जा के साथ इस काम में पहल करने का निर्देश दिया। साथ ही इस क्षेत्र में बेहतर करनेवाले दूसरे राज्यों की राजस्व संग्रहण प्रक्रिया का अध्ययन कर उसे अपनाने पर बल दिया।

वाणिज्य कर उगाही की रफ्तार बढ़ाएं

समीक्षा में पाया गया कि वाणिज्य कर विभाग अपने लक्ष्य का 40 फीसदी उगाही कर चुका है। मुख्य सचिव ने चुनाव आदि को देखते हुए राजस्व वसूली की रफ्तार तेज रखते हुए लक्ष्य प्राप्ति का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि कागज पर ही खरीद-बिक्री करनेवालों पर सख्त नजर रखते हुए ऐसे तत्वों पर केस करने के साथ सजा के अंजाम तक पहुंचाने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि टास्कफोर्स के माध्यम से लीकेज को फूलप्रूफ करें। सिस्टम को बेहतर करने तथा तकनीक के उपयोग पर बल देते हुए इस पर गंभीरता से पहल करने की जरूरत बताई।

उत्पाद विभाग ने की 55 प्रतिशत वसूली

राज्य में उत्पाद विभाग राजस्व वसूली में अन्य सभी विभागों को पीछे छोड़ते हुए 15 सितंबर तक 1800 करोड़ के लक्ष्य का 55 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर चुका है। उसने अब तक 987 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली की है। हालांकि इसमें नई उत्पाद नीति के तहत इस वर्ष शराब दुकानों की नये सिरे से बंदोबस्ती का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उत्पाद विभाग की समीक्षा में पाया गया कि पंजाब और हरियाणा से दूसरे राज्यों में जानेवाली शराब की खेप का चौपारण और धनबाद के बीच खपत हो रही है। इससे राजस्व की हानि हो रही है। मुख्य सचिव ने ऐसा नहीं हो, इसके लिए नियम बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे वाहनों में डिजिटल लॉक की व्यवस्था कराएं। वहीं उनके भौतिक सत्यापन के साथ डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था पर भी जोर दिया।

परिवहन विभाग जुर्माना रसीद पर होलोग्राम अंकित करे

मुख्य सचिव ने परिवहन नियमों के उल्लंघन में जुर्माना वसूली को ज्यादा पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने पर जोर देते हुए इसके लिए जुर्माना रसीद पर विभाग का होलोग्राम अंकित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसमें अगर कहीं फर्जीवाड़ा है, तो वह भी रुकेगा। उन्होंने कहा कि इनफोर्समेंट टीम में सेवानिवृत्त कर्मियों की सेवा लेकर इसे मजबूत करें। परिवहन विभाग ने अपने वार्षिक राजस्व संग्रहण के लक्ष्य का 36 फीसदी संग्रहण है।

निबंधन विभाग दाखिल-खारिज को तेजी से निबटाये

निबंधन विभाग अर्से से लंबित दाखिल-खारिज के मामलों को तेजी से निबटाने की कवायद शुरू करने जा रहा है। इसके लिए निर्धारित समयसीमा के भीतर मामले के निबटारा का प्रयास होगा। मामला जिस कर्मचारी-अधिकारी के पास अटका होगा, उन्हें लगातार एसएमएस के माध्यम से इसकी सूचना भेजी जाएगी। साथ ही ससमय उसके निबटारा का दायित्वबोध कराया जाएगा। हालांकि पिछले कुछ दिनों से जारी कवायद से दाखिल-खारिज के मामले के निबटारा में तेजी आई है, लेकिन वह अभी भी बहुत संतोषप्रद नहीं है।