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आड्रे हाउस में राज्य के इतिहास से जुड़े दस्तावेज संग्रहित किए जाएंगे- रघुवर दास

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रविवार को कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने से हम सब महज कुछ महीने दूर हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि ऐसे में गांधी जी के झारखण्ड आगमन और राज्य से जुड़ी बातों को समाहित करता पुस्तक “महात्मा गांधी की झारखण्ड यात्रा” को लोगों को समर्पित करने का अवसर मिला। आजादी से पूर्व गांधी जी ने झारखण्ड की कई बार यात्रा की, लेकिन इससे संबंधित दस्तावेज हमारे पास नहीं थे। इस पुस्तक ने गांधी जी के झारखण्ड आगमन के सभी तथ्यों को प्रमाणिकता के साथ रखा है, जो आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा। मैं इस पुस्तक के लेखक को हार्द‍िक बधाई देता हूं। ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आर्यभट्ट सभागार में प्रभात खबर के कार्यकारी संपादक अनुज कुमार सिन्हा द्वारा लिखित पुस्तक “महात्मा गांधी की झारखण्ड यात्रा”, “असली झारखण्ड”, “झारखण्ड के आदिवासी पहचान का संकट” और “ब्यूरोक्रेट्स और झारखण्ड” नामक पुस्तक का लोकार्पण समारोह में कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “झारखण्ड के आदिवासी पहचान का संकट” नामक पुस्तक अच्छी रचना है, लेकिन मेरा मानना है कि झारखण्ड में कभी भी आदिवासियों पर अपनी पहचान का संकट न था और न रहेगा। झारखण्ड से आदिवासियों को कभी कोई मिटा नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति से कुछ विदेशी शक्तियों ने छेड़छाड़ की है, लेकिन वो हावी नहीं हो सकी। आजादी के पूर्व से ही विदेशी तत्वों के द्वारा आदिवासियों के धर्मांतरण के माध्यम से इनकी पहचान मिटाने के प्रयास होते रहे हैं। महात्मा गांधी ने भी धर्मांतरण पर चिंता जताई थी। विदेशी शक्ति इस कार्य में लगी है, लेकिन आदिवासी समाज सजग और जागरूक है। झारखण्ड में आदिवासियों की संस्कृति की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि मिटाना तो दूर, उसे कोई हिला भी नहीं सकता है।

रघुवर दास ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर स्वच्छ भारत के निर्माण के लिए पूरा देश आंदोलन से जुड़ चुका है। स्वच्छ भारत की ओर हम अग्रसर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी के बताए स्वशासन, सुराज और विकास को आत्मसात कर केंद्र और राज्य सरकार कार्य कर रही है। आज के परिदृश्य में भारतीय राजनीति में परिवर्तन भी आया है। आज विकास सर्वोपरि है। जातिवाद, क्षेत्रवाद और संप्रदायवाद को लोगों ने नकार दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ 2022 तक नया भारत बनाने का संकल्प लिया है। भ्रष्टाचार और गरीबी मुक्त एक ऐसा भारत, जिसमें कोई भी बे-दवा, बे-इलाज, बे-घर ना रहे। 2022 तक हम भी न्यू झारखण्ड देश के सामने रखेंगे। नकारात्मकता की राजनीति का अंत कर विकास का संकल्प ही ध्येय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में स्थिर सरकार है और राज्य के विकास के लिए यह जरूरी भी है। मैं दावा नहीं करता कि चीजों को हमने पूरी तरह बदल दिया है, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार समेत अन्य क्षेत्रों में बदलाव के पहल हुए हैं। खुशहाल झारखण्ड की नींव पड़ चुकी है। सबके साझे प्रयास से ही हम झारखण्ड को खुशहाल बना सकते हैं। यहां उपस्थित लेखक, चिंतक इस बात पर अपने विचार अपनी लेखनी के माध्यम से जरूर रखें कि झारखण्ड को कैसे सजाया और संवारा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कला-संस्कृति विभाग आड्रे हाउस में राज्य के इतिहास और सभी तथ्यों से जुड़े सभी अभिलेख और दस्तावेज संग्रहित कर अध्येताओं और पाठकों के लिए रखे जाएंगे।

राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने कहा कि महात्मा गांधी की झारखण्ड से जुड़ी बातों को पुस्तक में समाहित किया गया है। मुझे उम्मीद है कि ये सभी पुस्तकें समाज खासकर युवाओं को प्रेरणा देगी। उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा की तकरीर रांची में तैयार हुई थी। झारखण्ड के टाना भगतों पर रिसर्च होना चाहिए। इसके लिए लोग आगे आएं, सरकार जरूर आपकी मदद करेगी। लोगों में लिखने की प्रेरणा हमेशा बनी रहनी चाहिए। किताबें हमें विपरीत परिस्थितियों से जूझने के लिए ताकत देती हैं। ये सभी पुस्तकें लोगों पर अपना सकारात्मक प्रभाव अवश्य छोड़ेगी।

पद्म श्री अशोक भगत ने कहा कि इन पुस्तकों के माध्यम से आज की पीढ़ी को जानकारी देने का यह सराहनीय प्रयास है। झारखण्ड को नजदीक से देखते हुए शब्दों का रूप दिया गया है। गांधीजी के झारखण्ड आगमन का संकलन काफी अच्छा है। आदिवासी संस्कृति प्रेरणा केंद्र को इस पुस्तक में उजागर किया गया है। लोग इस पुस्तक को जरूर पढ़ें, ताकि झारखण्ड को ठीक से समझा जा सके। नए लेखक भी इस दिशा में आगे आएं।

वहीं, इन पुस्तकों के लेखक अनुज कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य के लोगों को दस्तावेज और जानकारी इन पुस्तकों से मिलेगी। हमारा उद्देश्य है कि राज्य के लोग खुश और समृद्ध रहें। ये पुस्तकें प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ये सहायक होंगी। उन्होंने कहा कि हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने वाले हैं। ऐसे समय में “महात्मा गांधी की झारखण्ड यात्रा” का अपना महत्व है। पुस्तक के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया है कि झारखण्ड में गांधी आगमन कब-कब हुआ और उनकी जीवन यात्रा में झारखण्ड की भागीदारी का उल्लेख किया गया है। हमारा प्रयास होगा कि आने वाले समय में हम और अच्छी पुस्तकें लिखने की कोशिश करेंगे। इस मौके पर प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी, प्रबंध निदेशक केके गोयनका और प्रभात प्रकाशन के डॉ. पीयूष कुमार ने भी अपने विचारों को रखा। मुख्यमंत्री ने पुस्तकों का लोकार्पण कर उसकी पहली प्रति लेखक के 83 वर्षीय पिता श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिन्हा को समर्पित कर उनका सम्मान किया।

इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, कांके विधायक जीतू चरण राम, पद्म श्री अशोक भगत, पद्म श्री बलबीर दत्त, जस्टिस विक्रमादित्य, प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी, प्रभात खबर के एमडी के के गोयनका, प्रभात खबर के कार्यकारी संपादक अनुज कुमार सिन्हा, प्रभात प्रकाशन के डॉ. पीयूष कुमार, रांची यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. रमेश पांडे व अन्य गणमान्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित थे।