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सामूहिक विवाह समाज हित में सार्थक कदम, इसे जन आंदोलन बनाएं: रघुवर दास

मुख्यमंत्री रघुवर दास बुधवार को गुमला में आयोजित सामूहिक विवाह सह जतरा कार्यक्रम में शामिल हुए। लोगों को संबोधि‍त करते हुए उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह मात्र एक विवाह का आयोजन भर नहीं हैं, इसके प्रभाव समाज को दूरगामी सकारात्मक परिणाम देते हैं। एक ओर सामाजिक प्रभावों में हम इस पहल से शादियों की दिन ब दिन बढ़ते फिजूल खर्च को कम कर सकते हैं, वहीं समाज के आर्थिक रूप से कमजोर तबके की सहायता सार्थक होता है। सामूहिक विवाह की अवधारणा के विकास में एक आधारभूत तत्व यह भी है कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से शादी रूपी खर्च के पहाड़ का बोझ कम किया जाये। आज समाज द्वारा 27 जोड़ों को विवाह सम्पन्न कराया गया। यह भगीरथ प्रयास है। इस प्रयास को नमन करता हूं। आयोजकों को बधाई देता हूं। मेरी शुभकामनाएं और प्रणाम स्वीकार करें। आपका जीवन सुखमय रहे। यह मैं परमेश्वर से कामना करता हूं। सामूहिक विवाह समाज के बंधुओं द्वारा समाज हित में एक सार्थक सोच व कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम एक बने, नेक बने। तभी राज्य से गरीबी दूर होगी। आज सभी समाज के सहयोग से ही मैं राज्य का मुख्य सेवक हूं। समाज से मुझे बहुत ताकत मिलती है। समाज नहीं होता तो हम और आप नहीं होते। इसके बिना कोई आगे नहीं बढ़ सकता। हर समाज को यह सोचना चाहिए और उस दिशा में कार्य करना चाहिए कि कैसे समाज के वंचित, गरीब को आगे लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की योजनाओं से आम लोगों को आच्छादित करना है। राज्य की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री सुकन्या योजना लागू हो गई है। अभिभावक अपनी बच्चियों के निबंधन स्कूल में कराएं। सरकार प्रत्येक बेटी के जन्म से लेकर शादी तक कुल 70 हजार रुपये देगी। रघुवर दास ने अभिभावकों से अपील की कि इस योजना की जानकारी आप भी लोगों को दें, ताकि जन्म ले रही बच्ची से लेकर पढ़ाई कर रही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सके। हमारी गरीब बालिग बच्चियों की शादी सम्मान पूर्वक हो, इसके लिए भी सरकार 30 हजार रुपये देगी। यानी, पढ़ाई के लिए 40 हजार और विदाई के लिए 30 हजार रुपए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़ों को आरक्षण प्राप्त हो, इसके लिए सरकार संथाल परगना समेत अन्य प्रमंडल में सर्वेक्षण करा रही है। TRI को भी पिछड़ी जाति को आरक्षण का लाभ देने हेतु सूची भेजी गई है। रिपोर्ट आते ही उसपर निर्णय लिया जाएगा। लोकतंत्र में लोकतांत्रिक तरीका ही महत्वपूर्ण है। सरकार राज्य की सवा तीन करोड़ जनता की है। सरकार सभी के हित को ध्यान में रखकर निर्णय लेगी। सरकार का प्रयास है कि राज्य के सभी पिछड़ों को राज्य की नौकरियों में वाज़िब आरक्षण प्राप्त हो, इसके लिए सर्वेक्षण हो रहा है। पिछड़ों को उनका हक मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरी बहुत कम है। अब डिग्री के साथ हुनरमंद मानव संसाधन की मांग पूरी दुनिया में है। इसलिए सरकार राज्य के युवाओं को हुनरमंद बनाने हेतु 700 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। कुछ माह पूर्व ऐसे ही 69 हुनरमंद युवाओं को दुबई में काम मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 तक राज्य में मात्र 8 हजार स्वयं सहायता समूह था। 4 वर्ष के अंदर 1 लाख समूह का गठन हो गया। यह महिला सशक्तिकरण का उदाहरण मात्र है। उनको सशक्त करने, आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करने के लिए करोड़ों रुपये का बैंक लिंकेज दिया जा रहा है। अब महिला सशक्तिकरण के लिए पोल्ट्री फेडरेशन के गठन होगा, ताकि राज्य की महिलाएं मुर्गी का अंडा उत्पादन कर आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद किसानों के लिए लिए सहयोगात्मक और रचनात्मक बजट पेश किया गया। किसानों को प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना के तहत प्रति एकड़ 6 हजार रुपये उनके कृषि कार्य हेतु दिया जाएगा। जबकि राज्य सरकार मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत भी प्रति एकड़ 5 हजार रुपये किसानों को देगी। अब 1 एकड़ भूमि वाले किसान को 11 हजार और 5 एकड़ भूमि वाले किसान को अधिकतम 31 हजार रुपये दिया जाएगा। अन्नदाता के चेहरे पर मुस्कान लाना हमारा उद्देश्य है और यही फायदा केंद्र और राज्य में एक स्थिर सरकार के होने का है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विदेशी ताकतें आदिवासियों की संस्कृति, बिरसा आबा, सिदो कान्हो की संस्कृति को बर्बाद करना चाहते हैं। ऐसी शक्तियों से मिलकर मुकाबला करना है। हम ऐसी संस्कृति का निर्माण करें, जिससे आने वाली पीढ़ी इस अनुपम संस्कृति की संजीवनी से सिंचित हो सके। रघुवर दास ने कहा कि सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है, लेकिन लोभ और लालच देकर धर्मान्तरण करने वाले कानून के दायरे के आएंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने व्यवस्थापक को प्रत्येक विवाह के लिए 2-2 हजार रुपये राज्य सरकार की निधि से देने की घोषणा की। मृत मालाकार, जिसकी पूर्व में ह्त्या हो गयी थी, उसके परिवार के भरण-पोषण के लिए परिजनों को 1 लाख की सहयोग राशि विवेकानुदान राशि देने को कहा। तत्काल राशि उपलब्ध कराने का निर्देश उपायुक्त गुमला को दिया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री आदिवासी कल्याण श्री सुदर्शन भगत, विधानसभा अध्यक्ष डॉ दिनेश उरांव, उपायुक्त गुमला श्री शशि रंजन, पुलिस अधीक्षक गुमला, जिला परिषद अध्यक्ष, शिक्षाविद श्री दिनेश्वर अनूप समेत अन्य उपस्थित थे।