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विद्यादान है सबसे बड़ा दान: रघुवर दास

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बुधवार को कहा कि विद्यादान सबसे बड़ा दान है। अपने अर्जित ज्ञान को बांटने से ज्ञान बढ़ता है। नयी-नयी तकनीकों के माध्यम से हम इसे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा सकते हैं। हमारी सरकार का यही उद्देश्य है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विजन जरूरी है। शिक्षा ऐसी हो जो रोजगार दे सके। केवल डिग्री से काम नहीं चलेगा। शिक्षा स्तर में गिरावट के कारण समाज में व्याभिचार, अनैतिकता बढ़ती है। हम ऐसी नैतिक शिक्षा पर जोर दे रहे हैं, जो संस्कार के साथ रोजगारपरक भी हो। मुख्यमंत्री ने ये बातें शिक्षा पर आयोजित कार्यक्रम में की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड को हमें शिक्षित प्रदेशों की सूची में लाना है। शिक्षित होने से हम राज्य को तेजी से आगे ले जा सकेंगे। मानव संसाधन का विकास सबसे महत्वपूर्ण है। मानव संसाधन का विकास शिक्षा के माध्यम से ही किया जा सकता है। शिक्षा के महत्व को देखते हुए मुख्यमंत्री का पद संभालने के साथ ही सबसे पहली समीक्षा शिक्षा विभाग का ही हुआ था। समीक्षा में पाया कि आजादी के 67 वर्षों के बाद भी हमारे ज्यादातर बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने को विवश थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 38 हजार स्कूलों में से मात्र 7000 स्कूलों में ही बेंच-डेस्क उपलब्ध था, ज्यादातर स्कूलों में बिजली आदि की सुविधा नहीं थी। बिना आधारभूत संरचना ठीक किये हम अपने शिक्षा स्तर को नहीं सुधार सकते। इसी को ध्यान में रखते हुए मिशन मोड में स्कूलों में बेंच-डेस्क, बिजली, शौचालय आदि पहुंचाने का काम शुरू किया। हमारे सरकारी स्कूल के बच्चे भी स्वाभिमान के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। विभाग में तेजी से सुधार लाने के लिए निदेशक स्तर पर युवा आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति की गयी। इनके नतीजे अब दिख रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवी संस्थाओं से आदिवासी क्षेत्रों में ज्यादा काम करने की अपील करते हुए कहा कि वे आज भी गरीब और अशिक्षित हैं। शिक्षित होने से उनके जीनवस्तर में सुधार आयेगी। झारखण्ड को शिक्षित प्रदेश बनाने में हम सबकी जिम्मेदारी जरूरी है।

वहीं, कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री श्रीमती नीरा यादव ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हम संस्कारयुक्त शिक्षा दे रहे हैं ताकि अपने बच्चों को हम आदर्श नागरिक बना सकें। कार्यक्रम में राज्य सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच तीन एमओयू हुए। इस दौरान मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री एपी सिंह, राज्य विकास परिषद के सीइओ श्री अनिल स्वरूप, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील वर्णवाल समेत बड़ी संख्या में गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।