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विकास के पथ पर बढ़ते झारखण्ड को रुकने नहीं दूंगा: रघुवर दास

72वें स्वतंत्रता दिवस पर रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में झारखण्ड के मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस मौके पर सवा तीन करोड़ राज्यवासियों को अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार बेदाग है और झारखण्ड का विकास ही हमारा ध्येय है। एक समय भ्रष्टाचार के लिए जाना जाने वाला राज्य आज विकास के लिए देश के प्रथम चार राज्यों में खड़ा है। आज इसकी ख्याति तेजी से आगे बढ़ते हुए राज्य के रूप में है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सबसे पहले झारखण्डवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन हर हिंदुस्तानी के लिए बड़ा ही पवित्र है। आज ही के दिन हमें आजादी मिली थी। हमें ये बात हमेशा याद रखनी है कि ये आजादी हमें यूं ही नहीं मिल गई। इस आजादी को हासिल करने के लिए अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। आज उन सभी महापुरुषों को भी याद करने का दिन है।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, वीर सावरकर और शहीद भगत सिंह के साथ-साथ झारखण्ड के वीर सपूतों धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, वीर सिद्धो कान्हों, चांद भैरव, वीर बुधु भगत, नीलांबर-पीतांबर सहित तमाम स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता की ओर से श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि आजादी के संघर्ष में नारियों के बलिदान को भी हम भूल नहीं सकते। भारत की महान वीरांगना लक्ष्मीबाई सहित झारखण्ड की फूलो, झानो के प्रति भी हृदय से नतमस्तक हूं। उन्होंने कहा कि हम अपने नम आंखों से उन तमाम स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति और उन अनाम स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को याद करें। 

स्वतंत्रता दिवस का ये पावन पर्व हम झारखण्डवासियों के लिए दोहरी खुशी लेकर आता है। आप सबको पता है कि इन दिनों श्रावणी मेला चल रहा है। भगवान शिव की नगरी देवघर में देवतुल्य श्रद्धालु, मनोकामना लिंग के दर्शन कर जलार्पण कर रहे हैं। मुझे आपको ये बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि श्रावणी मेले में देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों के लिए विश्वस्तरीय इंतजाम किए गए हैं, जिनकी देवतुल्य श्रद्धालुओं द्वारा तारीफ की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में श्रावणी मेले के आयोजन की जो तारीफ हो रही है, वो किसी एक आदमी या सरकार की प्रशंसा नहीं है, ये तारीफ आप सबकी है, ये झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता की तारीफ है। ये आपके सहयोग, आपके भरोसे की जीत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बात सिर्फ श्रावणी मेले की ही नहीं है, आज के दिन मैं आपको थोड़ा पीछे लेकर जाना चाहता हूं। 28 दिसंबर 2014 को मैंने राज्य के मुख्यसेवक के तौर पर शपथ ली और एक दास के रुप में झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता की सेवा करनी शुरू की। आपने हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी पर भरोसा जताया, उस भरोसे पर खरा उतरने के लिए हम दिन-रात काम कर रहे हैं। साढ़े तीन साल पहले की बात अब जब याद आती है तो शुरुआत में लगता था कि कैसे होगा झारखण्ड का विकास। सारी व्यवस्था बिगड़ी हुई थी। सिस्टम बेपटरी हो गया था। देश ही नहीं, दुनिया भर में झारखण्ड का जिक्र अगर किसी बात के लिए होता था तो वो था भ्रष्टाचार।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालात बेहद खराब थे, लेकिन मैंने इस चुनौती को अवसर के रुप में लिया। हमने ठाना था कि चाहे कुछ भी हो जाए, विकास कार्यों के जरिए झारखण्ड के माथे से ये भ्रष्टाचार रुपी कलंक हटाकर रहेंगे। हमने पहले दिन से ही कार्य शुरू किया, ये काम आसान नहीं था, लेकिन नेक इरादों और बुलंद हौसलों के साथ हम पहले दिन से ही न्यू झारखण्ड के निर्माण में जुट गए। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारा एक ही लक्ष्य है, झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता की सेवा। हमें अपने सवा तीन करोड़ भाई-बहनों की जिंदगी में खुशहाली लानी है, उन्हें समृद्ध बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप अपने दिल से पूछिए, आज जब आप देश या दुनिया में किसी से झारखण्ड पर बात करते हैं तो वो किस बात पर चर्चा करते हैं। क्या आज भी झारखण्ड का जिक्र आते ही कोई भ्रष्टाचार का नाम लेता है। बिल्कुल नहीं, आज बात होती है झारखण्ड के विकास की। भ्रष्टाचार का जो कलंक झारखण्ड के माथे पर लगा दिया गया था, आपके सहयोग से हमने उस कलंक को धो दिया है। मैं इस बात का जिक्र नहीं करुंगा कि किस वजह से भ्रष्टाचार का वो कलंक हमारे महान झारखण्ड के माथे पर चिपका दिया गया था या किसकी वजह से झारखण्ड भ्रष्टाचार को लेकर बदनाम हो गया था, लेकिन आज हमने झारखण्ड की छवि को पूरी तरह बदल दिया है। आज झारखण्ड का हर नागरिक गर्व से कहता है- हां, मैं झारखण्डवासी हूं। आज हमारा झारखण्ड बदल रहा है, झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता मिलकर न्यू झारखण्ड का निर्माण कर रही है,  इसलिए मैं कहता हूं कि जब भी कोई आपको बहकाने की कोशिश करे तो सिर्फ एक काम करिए, साढ़े तीन साल पहले के झारखण्ड और आज के झारखण्ड की तुलना कर लीजिए। फिर कोई भी आपको बहका नहीं सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबके प्रिय भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने झारखण्ड का निर्माण किया।  धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के सपनों और अटल जी के आदर्शों के अनुरुप हम एक ऐसे झारखण्ड के निर्माण में जुटे हैं जहां कोई अभाव की जिंदगी न जिए, जहां कोई बेदवा, बेशिक्षा, बेघर और गरीब न रहे। मैं हमेशा ये सोचता हूं और बार-बार इस बात का जिक्र करता हूं  कि जब हमारा झारखण्ड प्राकृतिक रुप से इतना समृद्ध है तो हमारे भाई-बहन गरीब क्यों हैं। जवाब आप सभी जानते हैं, लेकिन फिर भी मैं जिक्र जरूर करना चाहता हूं। हमारे भाई-बहन गरीब इसलिए हैं क्योंकि आजादी के बाद से ही पिछली सरकारों को जितना ध्यान देना चाहिए था उतना उनके विकास पर ध्यान नहीं दिया जा सका। ऐसा भी नहीं है कि उनके द्वारा विकास नहीं किया गया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, इस बात को पूरा देश मान रहा है। मैं कुछ उदाहरण आपके सामने रखना चाहता हूं। आज विकास वृद्ध‍ि दर में झारखण्ड पूरे देश में दूसरे नंबर पर है।  ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में आपका अपना झारखण्ड देश में चौथे नंबर पर है। अगर बात स्वच्छता की की जाए तो स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारे झारखण्ड को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट का अवॉर्ड मिला है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के मामले में झारखण्ड पूरे देश में नंबर 1 है। ये सब आपके सहयोग से ही संभव हो सका है  इसका श्रेय झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता को ही जाता है। ये उपलब्धियां ये दिखाती हैं कि हम विकास के जिस रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं वो सही है। अब हमें यहां से और आगे जाने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं ये नहीं कहता कि हमने विकास का हर लक्ष्य हासिल कर लिया है। अभी हमें बहुत आगे जाना है, लेकिन मैं ये बात डंके की चोट पर कहता हूं कि हम विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं, हमारे सवा तीन करोड़ भाई-बहनों की जिंदगी में खुशहाली आ रही है। बीच-बीच में थोड़ी बहुत कठिनाइयां आती हैं, लेकिन वो हमारे काम का हिस्सा हैं। हम उन मुश्किलों को भी दूर कर राज्य को विकास के पथ पर और आगे लेकर जाएंगे। आज तक हमारे ऊपर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा। हमारी सरकार ईमानदार एवं बेदाग है। हमारी कोशिश रहेगी कि किसी झारखण्डवासी का सिर किसी भी वजह से नहीं झुके। मेरे लिए झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता भगवान है और मैं आपका दास हूं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे कार्यों की आलोचना करना, जनता में भ्रम का माहौल पैदा करना भी आजकल एक फैशन बन गया है। लोकतंत्र में हम आलोचना का स्वागत करते हैं, लेकिन आलोचना तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, जनता को बहकाने के लिए नहीं। जनता से भी मेरा आग्रह है कि आप किसी के भी बहकावे में मत आइए। खुद अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए फैसला करिए। दरअसल, जो लोग अच्छे कार्यों की बुराई करते हैं वो वास्तव में विकास विरोधी हैं। झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता अब जाग चुकी है, वो इस बात को बखूबी समझती है कि कौन उनके विकास में लगा है, कौन उनकी जिंदगी में खुशहाली लाने में लगा है और कौन भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि नीयत अच्छी हो,  इरादों में मजबूती हो और जमीर में ईमानदारी हो तो कोई लक्ष्य मुश्किल नहीं। दरअसल, झारखण्ड में न तो संसाधनों की कोई कमी है और न ही प्रतिभा की कमी है। जरूरत है तो बस मजबूत इच्छाशक्ति और विकास कार्यों को सही दिशा देने की। पिछले साढ़े तीन साल में हमने राजनीति, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं और उनका अनुपालन कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले रोजगार की बात करते हैं। पिछले साढ़े तीन साल में हमारी सरकार ने 31 लाख 50 हजार से ज्यादा रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। अभी तक 1 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई हैं जिनमें स्थानीय नीति के तहत 95 प्रतिशत से ज्यादा स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है। जल्द ही 50 हजार सरकारी नौकरियां और उपलब्ध कराई जाएंगी। एक लाख से ज्यादा सखी मंडलों के माध्यम से 16 लाख से ज्यादा बहनों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। 14 लाख 50 हजार लोगों को पांच हजार चार सौ तीस करोड़ रुपये का मुद्रा लोन उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्होंने अपना रोजगार शुरू किया और अब वो नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण के जरिए अपने झारखण्ड के बच्चों को प्रशिक्षित कर अभी तक 80 हजार से ज्यादा युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें आदिवासी समाज के बच्चों की संख्या काफी ज्यादा है। हमारे कुछ बच्चे विदेशों में भी अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी राष्ट्रीय युवा दिवस तक निजी क्षेत्र में 1 लाख रोजगार के अवसर और उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह मोमेंटम झारखण्ड के जरिए 50 हजार से ज्यादा युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है तथा डेढ़ लाख युवाओं को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर हासिल हुए हैं। सार्वजनिक उपक्रमों में 10 हजार लोगों को नौकरी मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके अतिरिक्त भी हमारी सरकार रोजगार और स्वरोजगार सृजन पर काम कर रही है। स्टार्टअप इंडिया के लिए हमने 250 करोड़ रुपये का फंड बनाया है। हमने झारखण्ड के युवाओं से नए आइडिया आमंत्रित किया था जिसमें बेस्ट 19 आइडिया का चयन कर उन्हें हमारी स्टार्टअप नीति के तहत सभी सुविधाएं दी जा रही है। अब हमारे युवा झारखण्ड में ही रहकर सॉफ्टवेयर का निर्माण कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड के विकास में हमें केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। हमारी सरकार बनने से पहले झारखण्ड को 2013-14 में केंद्र ने कुल 4064 करोड़ रुपये अनुदान दिया, जबकि मोदी सरकार ने 2014-15 में ये राशि  82 फीसदी बढ़ाकर 7 हजार तीन सौ बानवे करोड़ रुपये कर दी। इतना ही नहीं, हर साल इसमें बढ़ोतरी हो रही है। इस 17-18 में ये राशि 13414 करोड़ रुपये हो गई है। आपको ये बात बताने का एक खास मकसद है। मकसद ये कि झारखण्ड के विकास की चिंता एक साथ दो स्तरों पर हो रही है। जैसा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि अब झारखण्ड में डबल इंजन की सरकार है जिसका एक इंजन दिल्ली में है तो दूसरा यहां है।  राज्य की सवा तीन करोड़ जनता की जिंदगी में कैसे संपन्नता आए, ये राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार का भी लक्ष्य है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तीन महीने पहले ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने खुद झारखण्ड आकर राज्य को 30 हजार करोड़ रुपये की सौगात दी है। देवघर में एम्स और एयरपोर्ट, पतरातू पावर प्लांट और सिंदरी में खाद कारखाना, इससे न सिर्फ राज्य का विकास होगा, बल्कि बड़ी तादाद में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बात अगर की जाए शिक्षा की तो हमारी सरकार बनने से पहले तक झारखण्ड में सिर्फ 3 मेडिकल कॉलेज थे। हमारी सरकार बनने के बाद झारखण्ड में 5 नए मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। हजारीबाग, पलामू एवं दुमका में मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूर्ण होने वाले हैं और चाईबासा एवं कोडरमा में मेडिकल कॉलेज निर्माण टेंडर की प्रकिया में हैं। साथ ही जमशेदपुर एवं बोकारो में दो मेडिकल कॉलेज पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में शुरू किया जाएगा। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में पिछले साढ़े तीन साल में 10 नई यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है जिनमें 5 निजी और 5 सरकारी विश्वविद्यालय हैं। बात शिक्षा की हो रही है तो आपको ये जानना भी जरूरी है कि जब हमारी सरकार बनी तो राज्य के सिर्फ बत्तीस सौ स्कूलों में बेंच-डेस्क था, जबकि हमने सिर्फ साढ़े तीन साल में 27 हजार से ज्यादा स्कूलों में बेंच-डेस्क लगवा दिये हैं। साथ ही इन सभी स्कूलों में बिजली की व्यवस्था पहली बार की गई है। अब हमारे बच्चे जमीन पर बैठकर नहीं पढ़ते हैं। ये है शिक्षा के प्रति हमारी कमिटमेंट। शिक्षण संस्थाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु 1500 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट क्लास, ई-लाइब्रेरी एवं प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है। पैसे के अभाव में कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए, इसलिए पिछले साल 2017-18 में प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक के तीस लाख बच्चों को 527 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की गई। हमारे बच्चे आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। राष्ट्रीय कला उत्सव में रांची के बुंडु का कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय फर्स्ट आया। इतना ही नहीं, अंतर विद्यालय बैंड प्रतियोगिता में झारखण्ड देशभर में पहले नंबर पर रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें विरासत में जो बदहाल बिजली व्यवस्था मिली थी। आजादी के 67 साल बाद भी राज्य के 68 लाख घरों में तीस लाख घर ऐसे थे जहां अंधेरा था। आधारभूत संरचना को मजबूत कर हमने अब सभी गांवों में बिजली पहुंचा दी है और दिसम्बर 2018 तक सभी घरों में बिजली पहुंचा दी जाएगी। पिछले साढ़े तीन साल में 117 नए सबस्टेशन बनाए गए हैं तथा 245 नए पावर सबस्टेशन निर्माण अंतिम चरण में है। 10 ग्रिड सबस्टेशन तथा 332 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन का काम पूरा हो चुका है। किसानों, उद्योगों और आम जनता के लिए अलग-अलग फीडर बनाए जा रहे हैं।  उजाला योजना के तहत पिछले ढाई वर्षों में सवा करोड़ एलईडी बल्ब का वितरण किया जा चुका है जिससे प्रतिवर्ष 680 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं के बच रहे हैं। इससे प्रतिवर्ष 17 लाख यूनिट बिजली की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए 13.76 टन कार्बन डाईऑक्साइड का क्षय हो रहा है। सौभाग्य योजना के तहत सिर्फ पिछले 10 महीनों में ही साढ़े छह लाख घरों में बिजली पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं और जल्द ही इसके नतीजे भी दिखाई देने लगेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना है और इस मिशन में झारखण्ड की जनता बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है और मार्च 2015 में जहां केवल 27 प्रतिशत घर में शौचालय था वो आज बढ़कर 76 फीसदी हो गया है। राज्य के सभी 39 नगर निकाय ओडीएफ हो चुके हैं और 02 अक्टूबर 2018 तक पूरा झारखण्ड ओडीएफ हो जाएगा। शौचालय निर्माण में हमारी रानी मिस्त्री बहनें भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, महिला सशक्तिकरण हमारे लिए सिर्फ नारा नहीं, बल्कि एक लक्ष्य है। हाल के दिनों में महिलाओं के साथ कुछ अप्रिय घटनाओं की खबरें मिलती है जो समाज के लिए कलंक है। आज के दिन हम संकल्प लें कि महिलाओं एवं बेटियों का आदर करना एवं उनकी अस्मिता की रक्षा हम सबों का कर्तव्य है। झारखण्ड देश का पहला राज्य है जहां 50 लाख रुपये तक की जमीन या मकान खरीदने पर महिलाओं को रजिस्ट्री के लिए सिर्फ एक रुपया ही देना पड़ता है। अब तक 55 हजार से ज्यादा महिलाएं 1 रुपये में रजिस्ट्री करवाकर मकान मालकिन बन चुकी हैं। महिलाओं को पुलिस की नियुक्ति में 33 फीसदी आरक्षण दिया गया है जिसके तहत 1131 महिलाओं को आरक्षी नियुक्त किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड देश का पहला राज्य है जहां प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर के साथ चूल्हा मुफ्त दिया जाता है और पहली बार गैस भरवाने का खर्च भी सरकार ही देती है। अब तक साढ़े तेरह लाख बहनों को सिलेंडर उपलब्ध कराया जा चुका है। इतना ही नहीं, झारखण्ड में सखी मंडलों के जरिए 16 लाख से ज्यादा बहनों को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बात अगर स्वास्थ्य की की जाए तो साढ़े तीन साल पहले स्वास्थ्य सेवाओं की क्या हालत थी ये किसी से छिपी नहीं है। हम ये दावा नहीं करते कि हमने सबकुछ ठीक कर दिया है, लेकिन हम व्यवस्था सुधारने में लगे हैं। 108 नंबर पर कॉल कर आज कोई भी फ्री एंबुलेंस बुला सकता है, आज फ्री एंबुलेंस एक सच्चाई है जो मरीजों को वक्त पर अस्पताल पहुंचाने में, इमरजेंसी की हालत में इलाज में मदद कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत अन्तर्गत प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत सभी को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा देने की योजना है। राज्य के 67 लाख परिवारों में से 57 लाख परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा मिलने जा रहा है। इतना ही नहीं, हम राज्य भर में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर सुधारने में लगे हैं जिसकी प्रशंसा नीति आयोग ने भी की है और स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार में झारखण्ड को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। रिम्स की व्यवस्था सुधारने के लिए हमने वहां एडमिनिस्ट्रेशन और मेडिकल को अलग-अलग कर दिया है। अब वहां डॉक्टरों का काम सिर्फ इलाज करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष नवंबर में किसानों के लिए एक ग्लोबल एग्रीकल्चर व फूड समिट आयोजित की जाएगी, जो किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। झारखण्ड के अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। हमारे किसान भाइयों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत बिना किसी शुल्क के बीमा कराया जा रहा है। किसानों द्वारा दी जाने वाली प्रीमियम की राशि सरकार वहन कर रही है। हमारी सरकार ने पिछले साल ही किसानों के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाली हेल्पलाइन शुरू की है, जहां किसान अपनी किसी भी समस्या का समाधान हासिल कर सकते हैं। उन्नत कृषि की जानकारी के लिए जल्द ही किसानों के एक दल को इजराइल भी भेजा जाएगा। किसान हमारे अन्नदाता हैं और उन्हें कोई परेशानी हो ये मुझे मंजूर नहीं है। मैं इस अवसर पर सभी किसान भाइयों की ओर से माननीय प्रधानमंत्री को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने किसानों को उनके उत्पादन के लिए उचित मूल्य दिलाने हेतु न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर डेढ़ गुणा कर दिया है जिससे सीधे रूप से किसानों की आय डेढ़ गुणा बढ़ेगी। इसके अन्तर्गत धान एवं गेहूं के अलावा दलहन एवं ति‍लहन फसलों को भी शामिल किया गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी, दलित, शोषित, वंचित एवं पिछड़े समाज का उत्थान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं माननीय प्रधानमंत्री जी को, पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने एवं SC/ST के हितों की रक्षा हेतु SC/ST अत्याचार निषेध अधिनियम में संशोधन करने के लिए विशेष रूप से बधाई देता हूं। मेरा शुरू से मानना है कि बगैर शिक्षा के किसी समाज का उत्थान नहीं हो सकता। जनजातीय समाज की शिक्षा के लिए  143 आवासीय विद्यालय, 32 पहाड़िया दिवाकालीन विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है और 11 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का संचालन शुरू किया गया है। आपको जानकर खुशी होगी कि ऐसे विद्यालयों में दसवीं का परिणाम 98 प्रतिशत और बारहवीं का परिणाम 85 प्रतिशत रहा है। प्री मैट्रिक तथा पोस्ट मैट्रिक के तहत 30 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बीच 527 करोड़ राशि प्रदान की गई है। जनजातीय संस्कृति के समृद्ध विरासत के संरक्षण के लिए इस वर्ष 20 करोड़ की राशि से 170 धुमकुड़िया, मांझीस्थान एवं आदिवासी संस्कृति कलाकेन्द्र का निर्माण कराया जा रहा है। कौशल विकास के तहत ड्रॉपआउट युवाओं के नियोजन के लिए 11 कल्याण गुरुकुल बनाए गए हैं। रांची के चान्हों में नर्सिंग कौशल कॉलेज शुरू किया गया है। बहुत जल्द सरायकेला के राजनगर में नर्सिंग कौशल कॉलेज एवं रांची में महिलाओं के लिए मैन्युफैक्चरिंग और कैटेरिंग कौशल कॉलेज शुरू किया जाएगा। लगभग 1790 आदिवासी बहुल गांव में लगभग 2 लाख परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिसमें 6 हजार से अधिक पहाड़िया परिवार सम्मिलित है। आदिवासी छात्रों के ड्रॉपआउट रोकने के लिए 65 विद्यालयों को उत्क्रमित किया गया है। छह सौ उनहतर युवा समूह पूरे राज्य में गठित किए गए हैं। 09 अगस्त को मैं इनसे मिला था, इनकी ऊर्जा, इनके जोश और  जज्बे को मैं सलाम करता हूं। इनसे मिलकर मुझे अहसास हो गया है कि हमारे आदिवासी समाज को अब कोई और बरगला नहीं सकता। यह जाग चुके हैं और विकास ही इनका अंतिम लक्ष्य है। आजादी के 67 वर्षों तक इन्हें केवल वोट बैंक के उपयोग की वस्तु समझा गया, पर अब इनके जीवन में बदलाव आ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरना मसना स्थलों का सौंदर्यीकरण और घेराबंदी, शहीद ग्राम विकास योजना तथा लुगु बुरु महोत्सव को राजकीय मेले का दर्जा भी हमारी सरकार ने दिया है। आदिवासी बहुल गांवों के विकास के लिए हमने 30 जून से एक विशेष अभियान चलाया, जहां केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को क्रियान्वित किया गया। ये अभियान आज ही समाप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की कमी एक बहुत बड़ी समस्या है। हम हर घर तक साफ पानी पहुंचाने के लिए कृतसंकल्पित हैं। गत तीन वर्षों में 30 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण जलापूर्ति योजना के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया गया है और सन 2020 तक झारखण्ड के 50 प्रतिशत गांव तक ग्रामीण जलापूर्ति योजना से आच्छादित हो जाएंगे। जहां-जहां खनन होता है वहां रायल्टी का 30 प्रतिशत हिस्सा डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन बनाकर जमा किया जा रहा है और राज्य सरकार इस पूरे फंड को जनता तक पेयजल उपलब्ध कराने में खर्च कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की डोर सीधे ग्रामीणों के हाथ में देने के उद्देश्य से झारखण्ड के सभी गांवों में आदिवासी विकास समिति तथा ग्राम विकास समिति का गठन किया है। अब ये समि‍तियां पांच लाख रुपये तक की योजनाएं खुद बनाकर उनका क्रियान्वयन करेंगी। सरकार सीधे उनके खाते में पैसा डालेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टाना भगत समुदाय का स्वतंत्रता संघर्ष में योगदान पूरे देश के सामने एक अलग उदाहरण है। पिछले 67 साल से ये न्याय और विकास की प्रतीक्षा में थे। हमारे टाना भगत समुदाय के विकास के लिए रांची के हेहल में अतिथिगृह का शिलान्यास किया गया है। 10वीं पास 60 टाना भगत छात्रों को झारखण्ड रक्षा विद्यालय के सर्टिफिकेट इन पुलिस साइंस कोर्स में नामांकन कराया गया है। नामांकन का व्यय सरकार वहन कर रही है तथा टाना भगतों के भूमि के लिए सन 1956 ई. से भुगतेय राशि को माफ कर भविष्य में टोकन के रूप में केवल 1 रुपया सेस वसूल कर रसीद निर्गत करने का निर्णय लिया गया है। हम इनके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। शहीदों के प्रति केवल श्रद्धांजलि अर्पित करना हमारा ध्येय नहीं, बल्कि उनके प्रति कार्यान्जलि अर्पित करते हुए हमने शहीद ग्राम विकास योजना शुरू की है। इसके तहत झारखण्ड के वीर सपूतों, बलिदानियों के गांवों के समग्र विकास के लिए सरकार कार्य कर रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य का विकास बगैर आधारभूत संरचना के अधूरा है। आपको ये जानकर खुशी होगी कि राज्य में रोजाना औसतन तीन किलोमीटर से ज्यादा सड़क का निर्माण हो रहा है। अगर सिर्फ इसी साल की बात की जाए तो 1400 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का निर्माण किया गया है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में सड़कों की लंबाई 8500 किमी से बढ़कर 11960 किमी हो गई है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार और नक्सलवाद के बगैर ये बात अधूरी ही रहेगी। आप सब जानते हैं कि भ्रष्टाचार पर मेरी नीति जीरो टॉलरेंस की है। भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार करते हुए पिछले साढ़े तीन साल में 300 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त लाभुकों को व्यक्तिगत लाभ की योजनाएं जैसे छात्रवृत्ति, पेंशन, नरेगा में मजदूरी की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खाते में भेजे जाने से बिचौलियों को समाप्त किया गया है। इससे राज्य को 295 करोड़ रुपये की बचत भी हुई है। जन वितरण प्रणाली दुकानों में पॉस मशीन लगाकर खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता लायी गई है एवं अयोग्य लोगों की छटनी की गई है जिससे 450 करोड़ रुपये की बचत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और जनता के सहयोग से नक्सलवाद अंतिम सांस ले रहा है। जल्द ही इसे भी नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। मैं सभी भटके हुए नौजवानों से अपील करता हूं कि वे मुख्य धारा से लौट आएं। मैं इस अवसर पर झारखण्ड पुलिस केंद्रीय सुरक्षा बलों एवं सेना के लोगों का नमन करता हूं, जो कठिन परिस्थितियों में जान की बाजी लगाकर राज्य एवं देश की सुरक्षा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड के मेरे सवा तीन करोड़ साथियों, आपके सहयोग से उपलब्धियों की ये फेहरिस्त लंबी है। सबका जिक्र करना यहां संभव नहीं है, लेकिन फिर भी कुछ और महत्वपूर्ण बातें मैं आपको बताना चाहता हूं। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में खाद्यान उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार ने ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायत, शहरी इलाकों में नगर निकाय और जिला स्तर पर उपायुक्त के यहां झारखण्ड राज्य आकस्मिक खाद्यान्न कोष का गठन किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 5 लाख से ज्यादा आवास स्वीकृत किए गए हैं जिनमें से दो लाख 13 हजार से ज्यादा का निर्माण हो चुका है। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत कुल 1 लाख 58 हजार आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 32 हजार का निर्माण हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि विकास की धारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। आपका भरोसा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि चाहे कुछ हो जाए, आपका सि‍र हमेशा गर्व से ऊचा ही रहेगा। हमें श्रद्धेय अटल जी और प्रधानमंत्री मोदी जी के सपनों का झारखण्ड बनाना है। हमें धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के सपनों का झारखण्ड बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर वंशवाद, संप्रदायवाद, जातिवाद, भ्रष्टाचार, अशिक्षा, गरीबी, बेरोजगारी को मार भगाएं। याद रखिए, अलग-अलग हम कुछ भी नहीं हैं, लेकिन हम सवा तीन करोड़ झारखण्डवासी मिलकर किसी राज्य नहीं, बल्कि किसी भी देश के विकास में मुकाबला कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वक्त है एक बार फिर वही संकल्प दोहराने का, जो हमारे झारखण्ड को आगे लेकर जाएगा।  आप जहां हैं वहीं से मेरे साथ मिलकर शपथ लें।

हम शपथ लें कि

हम अपने झारखण्ड को स्वच्छ बनाएंगे।

हम झारखण्ड से गरीबी को मार भगाएंगे।

हम झारखण्ड में फिर से भ्रष्टाचार पनपने नहीं देंगे।

हम झारखण्ड से उग्रवाद को उखाड़ फेकेंगे।

हम झारखण्ड से वंशवाद का खात्मा करेंगे।

हम झारखण्ड से अशिक्षा को दूर करेंगे।

हम झारखण्ड में जातिवाद की जड़े काटकर रहेंगे।

हम झारखण्ड में संप्रदायवाद को पनपने नहीं देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सिर्फ वो संकल्प नहीं हैं जो हमने पिछले वर्ष भी किए थे और आज भी कर रहे हैं, बल्कि ये हम सबके खुद से वादे हैं। आपका ये दास, आपका मुख्यसेवक आपको भरोसा दिलाता है कि चाहे कुछ हो जाए, विकास के पथ पर बढ़ते झारखण्ड को रुकने नहीं दूंगा। मुझे सिर्फ आपका भरोसा चाहिए। मुख्यमंत्री ने झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता को आजादी की हार्दिक शुभकामनाएं दी।